उत्तराखण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने की अर्द्ध कुम्भ-2016 मेले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा

उत्तराखण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने की अर्द्ध कुम्भ-2016 मेले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा
अर्द्ध कुम्भ 2016 के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं हेतु 3752.60 लाख रूपये का प्राविधान बजट में रखा गया है। स्थाई कार्यों हेतु अनुमाति बजट 754.72 लाख रूपये तथा अस्थाई कार्यों हेतु अनुमाति बजट 2997.88 लाख रूपये अनुमानित होगा। 
प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखण्ड सरकार सुरेन्द्र सिंह नेगी ने आज (August 12, 2015) विधानसभा स्थित अपने कक्ष में हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्द्ध कुम्भ-2016 मेले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में सम्पन्न होने जा रहे अर्द्ध कुम्भ मेले में लगभग 05 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का पूर्वानुमान है।
महाकुम्भ मेले 2010 में आये श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या को आधार मानते हुए उत्तराखण्ड सरकार जनमानस को अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रयासरत है। अर्द्ध कुम्भ मेला 2016 मे आने वाले तीर्थयात्रियों को मेला अवधि में अपेक्षित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं दक्षता के साथ-साथ त्वरित गति से उपलब्ध कराने हेतु शासन की प्रतिबद्वता के अनुरूप मेला क्षेत्र में मक्खी-मच्छर एवं महामारी विहीन बनाने तथा किसी भी आकस्मिक दुर्घटना का सामना करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं मेला अधिकारी अर्द्ध कुम्भ स्वास्थ्य से कहा कि नासिक कुम्भ मेले में जिस संस्था द्वारा शौचालयों का निर्माण करवाय गया था। उन शौचालयों का अध्ययन करते हुए कम लागत के शौचालयों का निर्माण करवाया जाय। उक्त शौचालय की समस्त साफ सफाई की व्यवस्था भी उक्त संस्था से ही करवाई जाय।
बैठक में उन्होंने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को निर्देश देते हुए कहा कि मेला अधिकारी अर्द्ध कुम्भ मेला 2016 को निर्देशित करें कि मेला भवन के भूतल पर जो हाल पूर्व में स्वास्थ्य विभाग के नाम आबंटित किया गया था। उक्त हाल को पुलिस विभाग से खाली करवाकर मेला अधिकारी स्वास्थ्य को आबंटित किया जाय इसके लिए मेला अधिकारी को उचित निर्देश देने का कष्ट करें।
बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग मेला अवधि में यदि सफाई व्यवस्था करता है। तो सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति हेतु प्रत्येक सेक्टर में बायोमैट्रिक मशीन लगाने की व्यवस्था की जाय। ताकि स्वच्छकारों की सही उपस्थिति ज्ञात हो सके एवं उक्त उपस्थिति प्रत्येक दिवस में दो बार ली जाय।
बैठक में मंत्री जी ने मेला अधिकारी स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि तत्काल उपमेला अधिकारी स्वास्थ्य की मांग का प्रस्ताव शासन से किया जाय जिससे मेले में स्वास्थ्य विभाग का कार्य सुगमत्ता से संचालित करवाया जा सके। तथा यदि और अधिकारी एवं कार्मिकों की आवश्यकता है तो उसकी भी मांग समय पर की जाय।
बैठक में मेला अधिकारी स्वास्थ्य ने अवगत कराया कि अर्द्ध कुम्भ मेले को मेला प्रसासन द्वारा 5 जोन एवं 24 सैक्टरों में संचित किया गया है। इन 5 जोनों में कुल 32 सैक्टरों में अस्थाई 2 सैक्टर चिकित्सालय(30 बैडेड), 11 सैक्टर चिकित्सालय(10 बैडेड) एवं 15 प्राथमिक उपचार केन्द्र बनाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि उपरोक्त के अतिरिक्त मेले क्षेत्र में 6 राजकीय उच्चतर चिकित्सालय जो कि स्थाई रूप से कार्यरत हैं। को सुदृढ़ किया जायेगा। इनमें आवश्यकतानुसार शंेयाओं की वृद्धि भी कि जायेगी गम्भीर रोगियों को क्षेत्र के स्थाई चिकित्सालयों में स्थानान्तरित किया जायेगा। अभी वर्तमान में 650 शंेयाएं उपलब्ध हैं। जिसमें 265 शंेयाएं अतिरिक्त बढ़ाई जायेगी। बेस चिकित्सालयों के अतिरिक्त आपात कालिन ईकाईयों पर चिकित्सा सुविधाएॅ एवं आपरेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जिसमें राम कृष्ण मिशन चिकित्सालय हरिद्वार, मुख्य चिकित्सालय बीएचईएल, हरिद्वार, एम्स चिकित्सालय ऋषिकेश, संयुक्त चिकित्सालय रूड़की में रहेगी।
इसके साथ ही मेला क्षेत्र में कोई आपदा होने के मध्यनजर क्राईसिस मैजेमैन्ट भी तैयार किया गया है। मेला क्षेत्र में मक्खी-मच्छर एवं अन्य संक्रामक रोग नियंत्रण व्यवस्था एवं किट नाशक छिड़काव भी समय-समय पर कराया जायेगा। बैठक में उन्होंने मंत्री जी को अवगत कराया कि अर्द्ध कुम्भ 2016 के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं हेतु 3752.60 लाख रूपये का प्राविधान बजट में रखा गया है। जिसमें सफाई तथा शौचालय, मुत्रालय का बजट सम्मिलित नहीं  है। जिसमें स्थाई कार्यों हेतु अनुमाति बजट 754.72 लाख रूपये तथा अस्थाई कार्यों हेतु अनुमाति बजट 2997.88 लाख रूपये अनुमानित होगा।
उन्होंने कहा कि अर्द्ध कुम्भ मेला 2016 में क्रय की जाने वाली समस्त सामग्रियों की वास्तवित दरें आर.सी./टेण्डर/कोटेशन के उपरान्त निर्धारित की जायेंगी। टेण्डर/कोटेशन की प्रक्रिया उपरान्त अनुबन्धित निर्धारित दरों के अनुसार किराये पर ली जाने वाली/क्रय की जाने वाली सामग्री वास्तविक आवश्यकातानुसार कम या अधिक हो सकती है तथा अनुमानित की गयी धनराशि भी कम या अधिक हो सकती है।
बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य श्रीमती भूपिन्दर कौर, अपर सचिव स्वास्थ्स/निदेशक एनआरएचएम नीरज खैरवाल, महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ0 आर.पी.भट्ट, मेला अधिकारी स्वास्थ्य डाॅ0 बी.एस.जंगपांगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 सुषमा गुप्ता एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

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