निर्माण श्रमिकों को आम आदमी बीमा योजना के अन्तर्गत आवृत्त किया जाय: उत्तराखण्ड श्रम, सेवायोजन मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल

निर्माण श्रमिकों को आम आदमी बीमा योजना के अन्तर्गत आवृत्त किया जाय: उत्तराखण्ड श्रम, सेवायोजन मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल
राज्य की दुर्गम भौगोलिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए निर्माण श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही पंजीकरण हेतु राज्य के दोनों मण्डलों के कार्य के लिए एक-एक मोबाइल रजिस्ट्रेशन वैन की व्यवस्था कर ली गयी है
प्रदेश के श्रम, सेवायोजन, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, एम.एस.एम.ई., खादी एवं ग्रामोद्योग, दुग्ध विकास विभाग मंत्री उत्तराखण्ड सरकार, हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने आज (August 12, 2015) विधानसभा स्थित सभागार में उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मजदूर पर हम सब निर्भर है। इसलिए हमारा प्रयास होना चाहिए कि उनकी आर्थिकी के उन्नयन के लिए हम काम करें।
बैठक में उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों का पंजीयन कैम्प के माध्यम से अधिक-अधिक कराया जाय। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को टूल किट, साइकिल, सिलाई मशीन वितरण एवं उनके बच्चों की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता तथा विवाह हेतु आर्थिक सहायता, प्रसूति, प्रसुविधा तथा मृत्योपरान्त आर्थिक सहायता प्रदान करायी जाय। उन्होंने कहा कि मजदूरों के कल्याणार्थ वृहद्र शिविरों के आयोजन से पूर्व उसका वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार भी कराया जाय। तथा शिविरों के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पंजीयन हेतु उत्प्रेरित किया जाय। उन्होंने बैठक मे कहा कि 23 अगस्त, 2015 को रूड़की तथा 27 अगस्त, 2015 को देहरादून के भी वृहद शिविरों का आयोजन किया जाय।
बैठक में उन्होंने कहा कि अब तक 6740 निर्माण श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। तथा जिन पर अबतक 3 करोड़, 3 लाख, 76 हजार 422 रू0 की सहायता प्रदान की गयी है। जो कि अभी कम है। मजदूरों के पंजीकरण द्रुतगति से बढ़ाते हुए उनके कल्याणार्थ जो योजनाएॅं चलाई गयी है। उसका लाभ उन्हें मुहैया करवाया जाय।
बैठक में उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों को आम आदमी बीमा योजना के अन्तर्गत आवृत्त किया जाय। इसके लिये उन्होंने उप श्रमायुक्त कुमाऊॅं क्षेत्र हल्द्वानी तथा गढ़वाल क्षेत्र देहरादून को निदेर्शित किया। उन्होंने कहा कि राज्य की दुर्गम भौगोलिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए निर्माण श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही पंजीकरण हेतु राज्य के दोनों मण्डलों के कार्य के लिए एक-एक मोबाइल रजिस्ट्रेशन वैन की व्यवस्था कर ली गयी है। जो रोटेशन के अनुसार चलेगी। निर्माण श्रमिकों हेतु सैल्टर निर्माण का प्रस्ताव भी आया जिसमें प्रथम चरण में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, तथा हल्द्वानी में निर्माण श्रमिकों के लिए एक-एक सैल्टर बनवाया जाय। इसके लिए जमीन की कार्यवाही जिला अधिकारी के स्तर से होगी। पहले पायलट प्रोजैक्ट में चार जिलों में सेल्टर निर्माण का कार्य प्रारम्भ करवाया जायेगा। अस्थाई व्यवस्था के तौर पर मजदूरों को छाता एवं रेनकोट वितरित किये जायेंगे।
बैठक में निर्माण श्रमिकों को अधिकाधिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाये जाने पर विचार विमर्श करते हुए नवीन योजना के अन्तर्गत निर्माण श्रमिकों को सोलर लालटेन प्रदान करने पर भी बोर्ड की सहमति बनी।बैठक में समीक्षा के दौरान निर्माण श्रमिकों के पंजीयन पर वार्ता करते हुए यह तथ्य उभरकर सामाने आया कि मार्च 2015 तक पंजीकृत श्रमिकों की संख्या 27,817 थी। जो अब वर्तमान में 40,515 श्रमिक कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत हो चुके हंै।
बैठक में सन्निर्माण  कर्मकारों के लिए जो जहाॅं जिस स्थान पर कार्य कर रहे हैं। उस स्थान पर उनके लिये मोबाइल टाईलेट दिया जायेगा। इसके लिये मंत्री जी ने कहा कि मोबाईल टायलेट हेतु 50 लाख रूपये दिया जायेगा। बैठक में श्रम से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो पैसा हमारा बोर्ड का ट्रेजरी में है उसे लाने के निर्देश सचिव श्रम को दिये। बैठक में सचिव श्रम आर.के.सुधाशु, अपर सचिव श्रम/निदेशक ई.एस.आई. अक्षत गुप्ता, डी. लाल, अपर श्रम आयुक्त उत्तराखण्ड, एवं सहायक श्रमायुक्त ऊधमसिंह नगर, ऋषिकेश हरिद्वार, के साथ सदस्य डाॅ. सैयद फारूक, ए.आर.बहुगुणा श्रीमती मुन्नी पाण्डे, मनीष शर्मा मौजूद थे।

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