उत्तराखंड के अनशनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण नाम — बाबा मोहन ‘उत्तराखंडी’

उत्तराखंड के अनशनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण नाम — बाबा मोहन ‘उत्तराखंडी’

उत्तराखंड के अनशनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण नाम हैं: बाबा मोहन “उत्तराखंडी” जिन्होंने उत्तराखंड स्थायी राजधानी गैरसैण बनाने के लिए 38 दिन तक आमरण अनशन किया तथा 9 August 2004 को चमोली जिले के कर्णप्रयाग अस्पताल में अपने प्राण त्याग दिए थे

ये वो शख्सियत थे जिन्होंने मुजफ्फर नगर कांड के बाद ये शपथ ले ली थी की आजीवन दाढ़ी और बाल नहीं कटवाएंगे, यहाँ तक की माँ की मृत्यु पर भी उन्होंने दाढ़ी बाल नहीं कटवाए

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उत्तराखंड की राजधानी गैरसैण हो इस मांग के लिए स्वयं को समर्पित करने वाले बाबा मोहन उत्तराखंडी का बलिदान उत्तराखंड के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा

अफ़सोश उनकी माँगो पर उनकी जान की बाजी का असर दिखना आज भी इन्तजार में है

कुलदीप सिंह सजवान, 
गोपेश्वर, चमोली (Via Facebook)


 

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