अब बद्रीनाथ यात्रा के लिए मोबाइल एप A mobile app for Badrinath yatra

अब बद्रीनाथ यात्रा के लिए मोबाइल एप  A mobile app for Badrinath yatra


मोबाईल एप में एटीएम, पेट्रोल पम्प, होटल, रेस्टोरेंट, सार्वजनिक पेयजल, शौचालय, पार्किंग, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, वर्कशाप आदि की जानकारी यात्री की वर्तमान लोकेशन से दूरी, वहां के फोन नम्बर सहित मिल जाएगी। किसी भी इमरजेंसी की स्थिति होने पर संबंधित अधिकारियों, पुलिस स्टेशन, हेलीपेड के फोन नम्बर, दूरी की जानकारी भी होगी



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ख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘शुभ बदरीनाथ यात्रा’’ मोबाईल एप्लीकेशन (एप) का शुभारम्भ सोमवार को किया। एंड्राइड आधारित इस मोबाईल एप को चमोली जिला प्रशासन द्वारा बनाया गया है। इसमें जोशीमठ से बदरीनाथ तक की यात्रा से संबंधित सारी जानकारी उपलब्ध है। इसमें यात्री अगर आॅनलाईन है तो मोबाईल एप उसकी लोकेशन अपने आप ले लेगा। अगर आॅनलाईन न भी हो तो बहुत सी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आॅफ लाईन भी उपलब्ध रहेगी।


गढ़वाल मंडलायुक्त चंद्र सिंह नपलच्याल ने बताया कि मोबाईल एप में एटीएम, पेट्रोल पम्प, होटल, रेस्टोरेंट, सार्वजनिक पेयजल, शौचालय, पार्किंग, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, वर्कशाप आदि की जानकारी यात्री की वर्तमान लोकेशन से दूरी, वहां के फोन नम्बर सहित मिल जाएगी। किसी भी इमरजेंसी की स्थिति होने पर संबंधित अधिकारियों, पुलिस स्टेशन, हेलीपेड के फोन नम्बर, दूरी की जानकारी भी होगी। यह एप उपरोक्त सभी सुविधाएं गूगल मैप के जरिये भी प्रदर्शित करेगा। आपदा प्रबंधन में भी यह बहुत सहायक रहेगा। इसमें मार्ग बंद होने या लैंडस्लाईड होने पर वैकल्पिक मार्ग की जानकारी होगी। साथ ही राजमार्ग पर स्थित प्रमुख गांवों, राशन की दुकानों की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। मोबाईल-एप के ‘अपडेट’ विकल्प के माध्यम से यात्री को मौसम व रास्तों की नवीनतम स्थिति से भी अवगत कराया जाएगा। इसमें उत्तराखंड के व्यंजनों की जानकारी भी दी गई है। इस एप में युवा अधिकारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश का अहम योगदान रहा है।


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मुख्यमंत्री श्री रावत ने ‘शुभ बदरीनाथ यात्रा’ मोबाईल एप की सराहना करते हुए कहा कि इसमें प्रोफेशनल विशेषज्ञों का भी सहयोग लेकर और अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर बदरीनाथ के लिए प्रारम्भ मोबाईल एप को चारों धाम व बाद में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट सेवाओं में सुधार लाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि मैदानी क्षेत्रों में वाईफाई के लिए आॅप्टीकल फाईबर कारगर है परंतु पर्वतीय क्षेत्रों में इंटरनेट सैटैलाईट के माध्यम से ही सम्भव है। इसके लिए केंद्र सरकार से बात की जा रही है। इस अवसर पर सूचना महानिदेशक विनोद शर्मा भी उपस्थित थे।


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