क्या बहुरेंगे गैरसैंण के दिन? Will Gairsain’s development become a reality?

क्या बहुरेंगे गैरसैंण के दिन? Will Gairsain’s development become a reality?


मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैंण में किया 16 योजनाओं का शिलान्यास व लोकापर्ण


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ख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैंण विकास परिषद द्वारा की जा रही चार करोड़ रूपए से अधिक की 16 योजनाओं का शिलान्यास व लोकापर्ण किया, जिनमें दिवालीखल व पाण्डुआखाल में शुलभ शौचालय, सलियाणा कुनेली पेयजल योजना तथा रामनाली गवाड तल्ला पेयजल योजनाऐं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार गैरसैण के विकास के लिए कटीबद्ध है और वह विकास दिखाई दे रहा है। उन्होनें कहा जनता इस बात का मुल्यांकन कर रही है।


मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि गैरसैंण विकास की सम्भावनाओं के मुख्य केंद्र के तौर पर उभर रहा है। यहां जितने बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं, उतने पहले कभी नहीं हुए हैं। गैरसैंण हमारी मातृशक्ति के संघर्ष का प्रतीक है। हम सभी को गैरसैंण भावना को समझना चाहिए। मंगलवार को गैरसैंण के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत उपस्थित स्थानीय जनता को सम्बोधित कर रहे थे।


मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हम स्पष्ट कर चुके हैं कि हमारी नीतियों के केंद्र में हिमालय रहेगा। हमारी भावना गरीब, काश्तकारों, शिल्पकारों व सभी वंचित वर्गों के साथ है। जिन क्षेत्रों में पहले प्राथमिक विद्यालय भी नहीं होते थे, वहां निजी विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। हम गांवों की अर्थव्यवस्था, कृषि, पशुपालन, शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जा सकंे। हम अवसरहीनता को अवसरयुक्तता में बदल रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए ग्रामीण उत्पादों की मांग को बढ़ा रहे हैं। गैरसैंण सहित ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में विकास के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। गैरसैंण में विकास योजनाओं में तेजी लाने के लिए गैरसैंण विकास परिषद का गठन किया गया। विधानसभा भवन पर तेजी से कार्य चल रहा है।


इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष व अध्यक्ष गैरसैंण विकास परिषद के अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद मैखुरी भी उपस्थित थे। डा मैखुरी ने कहा- गैरसैंण को राजधानी के रुप में विकसित किया जा रहा है और विपक्षियों को यह बात पच नही रही है। अन्होंने कहा- गैरसैंण सुन्दर और नियोजित नगर होगा।


उधर मीडिया सेंटर विधानसभा में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व स्वास्थ्य में निजी निवेश आए। नैनीसार को लेकर कुछ भ्रम जैसी स्थित उत्पन्न की जा रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए निवेश नीति बनाई गई है। इसी नीति के तहत नैनीसार में प्रतिष्ठित संस्था द्वारा नैनीसार में शिक्षण संस्था स्थापित की जा रही है।


कुछ अन्य प्रतिष्ठित निजी संस्थाएं आगे आ रही हैं। इसके लिए हमें कुछ कन्सेशन व सुविधाएं देनी होंगी। हम इनके लिए भूमि गैर-आबाद जगहों पर भूमि उपलब्ध करवा रहे हैं। यह भूमि या तो इक्वीटी के आधार पर या वार्षिक लीज पर दी जाएगी। इनमें क्लास-3 में 50 प्रतिशत पद जबकि क्लास -4 में 90 प्रतिशत नियुक्तियां स्थानीयों को देनी होंगी। गांवों के नौजवानों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में होम-स्टे के तहत ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। जिलाधिकारी इसके लिए 1.5 नाली भूमि भी आवंटित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि इस बात का परीक्षण करवा लिया जाएगा कि हमारी नीति के मानकों में किसी सुधार की जरूरत है। इसका भी परीक्षण करवाया जाएगा कि नैनीसार में किन्हीं मानको का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।


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