अब सस्ते उत्तराखंडी खाने का माजा लीजिये हर जिले में Now Indira Amma Bhojnalay in 15 towns

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इंदिरा अम्मा भोजनालय योजना के तहत आज 14 नयी कैंटीन खोली गयीं। इस प्रकार सारे 13 जिलों में कम से कम अब एक कैंटीन हो गयी है। राज्य सरकार ने यह कदम पहली कैंटीन, जो की देहरादून में लगभग तीन महीने पहले खोली गयी थी, की सफलता के बाद उठाया।


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रत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती पर गुरूवार (November 19, 2015) को प्रदेश के सभी जिलों में इंदिरा अम्मा भोजनालयों का शुभारम्भ किया गया। मुख्यमत्री हरीश रावत ने पौड़ी में कलेक्ट्रेट के निकट व देहरादून में ट्रांसपोर्ट नगर व दून अस्पताल में इंदिरा अम्मा भोजनालयों का उद्घाटन किया। जबकि अन्य जिलों में मंत्रीगणों ने इंदिरा अम्मा भोजनालयों का विधिवत शुभारम्भ किया।


आम जनता को सस्ती दर पर पोष्टिक व साफ सुथरा भोजन उपलब्ध करवाने के प्रयास के तहत आज देहरादून में ट्रांसपोर्ट नगर व दून अस्पताल, पौड़ी में कलेक्ट्रेट के निकट, हरिद्वार में रोशनाबाद कलेक्ट्रेट के निकट, उधमसिंहनगर के रूद्रपुर में गांधी पार्क के सामने, नैनीताल के हल्द्वानी में सरस के निकट, अल्मोड़ा के सूड़ा भवन में, पिथौरागढ़ के मेन बाजार में, रूद्रप्रयाग के बस स्टैंड मे, टिहरी के चम्बा में, उत्तरकाशी के न्यू लादड़ी विकास भवन में, बागेश्वर के मेन मार्केट में, चमोली के गोपश्वर मार्केट में व चम्पावत के कापरेटिव कमेटी बिल्डिंग में इंदिरा अम्मा भोजनालय शुरू किए गए हैं।


देहरादून के ट्रांसपोर्ट नगर में इंदिरा अम्मा भोजनालय के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि स्व0इंदिरा गांधी विश्व की सर्वकालिक लोकप्रिय प्रधानमंत्री थीं। उनका नाम गरीबों के लिए भरोसे का प्रतीक है। निरंतर जीवन के लिए संघर्ष करने वालों को सहारे का बोध जीने का हौंसला देता है। हम निम्न आय वर्ग के लोगों को यही संदेश देना चाहते हैं कि हमारी सरकार उनके साथ खड़ी है और हल पल उनके बारे में सोचती है। इंदिरा अम्मा भोजनालय की योजना प्रारम्भ करने के पीछे हमारे तीन मकसद हैं। पहला, कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों को सम्मानजनक तरीके से साफ सुथरा पोष्टिक भोजन कम कीमत पर मिल सके। दूसरा, इनके माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना। तीसरा, इनमें हमारे यहां के उत्पादों का प्रयोग हो, जिससे हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ हो।

CM Photo 03, dt.19 November, 2015
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण हमारी सरकार का मंत्रवाक्य है। हमें कुछ भी करना पड़े हम महिलाओं, गरीबों व दूरस्थ गांवों के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ंगें। प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक ताने-बाने का आधार है ’मातृशक्ति’। पुलिस में 1800 महिला कांस्टेबल भर्ती की जाएंगीं जबकि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि हर थाने में एक महिला सब इंस्पेक्टर हो। होमगार्ड व पी0आर0डी0 में अगले तीन वर्षों में 30 प्रतिशत अतिरिक्त संख्या बढ़ाकर इनमें महिलाओं की भर्तियां होंगी। कन्या के जन्म, विवाह, माता बनने पर, वृद्धावस्था प्रत्येक स्थिति में सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि जहां भी मौका मिलेगा महिला स्वयं सहायता समूहों को अवसर दिया जाएगा। इंदिरा अम्मा भोजनालय के कन्सेप्ट को कस्बों तक ले जाया जाएगा। बड़ी सड़कों व राष्ट्रीय राजमार्गोंं पर महिला सराय निर्मित कर वहां महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्तराखंडी व्यंजन उपलब्ध कराया जाएगा।


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री रावत के निर्देशों पर इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर घंटाघर स्थित एमडीडीए काम्प्लैक्स में पहला इंदिरा अम्मा भोजनालय प्रारम्भ किया गया था। इसका जिम्मा महिला स्वयं सहायता समूह को दिया गया था जिसमें कि आम व्यक्ति को 20 रूपए में भोजन की थाली उपलब्ध करवाई जा रही थी। इसमें सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है। इसमें भोजन की पोष्टिकता व साफ.सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। जनता से मिले व्यापक रेस्पांस को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने सभी जिलों में इंदिरा अम्मा भोजनालय प्रारम्भ करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में स्व0 इंदिरा गांधी की जयंती पर आज अन्य सभी 12 जिलों के साथ ही देहरादून के दो अन्य स्थानों ट्रांसपोर्ट नगर व दून अस्पताल में इंदिरा अम्मा भोजनालय प्रारम्भ किए गए हैं।


इस योजना के तहत जहां आम व्यक्ति को सस्ती दर पर पोष्टिक व साफ सुथरा भोजन मिल रहा है वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों को काम के अवसर मिल रहे हैं। इन कैंटीनों में स्थानीय उत्पादों के प्रयोग को प्राथमिकता दी जाती है जिससे इन उत्पादों की मांग सृजित करने की राज्य सरकार की नीति को बल मिलता है। कैंटीन में प्रयोग होने वाली खाद्य सामग्री मंडुवाए झंगोरा व अन्य सब्जियां आदि की खरीददारी स्थानीय समूहों से की जा रही है। सभी भोजनालय महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित किए जाने हैं।

 Photo 02 dt.19-11-2015


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