मनोज भार्गव की साइकिल लाएगी उत्तराखंड में ‘हरित क्रांति’ NRI to start production of ‘Free Electric’ from Uttarakhand

मनोज भार्गव की साइकिल लाएगी उत्तराखंड में ‘हरित क्रांति’ NRI to start production of ‘Free Electric’ from Uttarakhand


मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने अपनी अनोखी ‘बिजली पैदा करने वाली साइकिल’ का प्रदर्शन करने के बाद मनोज भार्गव ने कहा की उत्तराखंडवासियों के लिए ये उपकरण एक वरदान साबित होगा जिससे न सिर्फ उन्हें मुफ्त बिजली मिलेगी बल्कि उनकी आर्थिक उन्नति भी होगी और प्रदेश का तेजी से विकास होगा…



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ख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरूवार (December 3, 2015) को मिशन ‘ग्रीन उत्तराखंड’ को आगे बढ़ाते हुए भारतीय-अमेरिकी कारोबारी और समाजसेवी मनोज भार्गव की मुफ्त में बिजली पैदा करने वाली स्थिर साइकिल — फ्री इलेक्ट्रिक — का टेस्ट किया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि यह बाईसाईकिल राज्य व देश के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह न केवल छोटे उद्यमियों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगो के लिए भी कारगर साबित होगी।


मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि श्री भार्गव द्वारा इस मशीन की शुरूआत उत्तराखण्ड राज्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास होगा कि इस बाईसाईकिल से महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जायेगा। साथ ही लघु उद्यमियों को भी इसके लिए प्रेरित किया जायेगा।


मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि श्री भार्गव द्वारा प्रदेश के विकास में सहयोग दिया जा रहा है। हंस फाउडेशन के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं में सहयोगी के रूप में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमें उम्मीद है कि श्री भार्गव अपनी तकनीक और ज्ञान का उपयोग राज्य के पर्यटन व सिंचाई क्षेत्र में भी करेंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई की तकनीकी को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, इसके लिए भी मनोज भार्गव कोई तकनीक विकसित करने में मदद करेंगे।


मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि श्री भार्गव द्वारा जो मशीन बनायी है, वह कम कीमत में अधिक उपयोगी वाली मशीन है। यह मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। प्रदेश में लगभग 500 गांवो ऐसे है, जहां पर बिजली की कमी है, ऐसे गांवों को शीघ्र बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।


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इस तरह से काम करती है मुफ्त बिजली पैदा करने वाली साइकिल ‘फ्री इलेक्ट्रिक’ — इसके पैडल मारने से एक फ्लाईव्हील घूमने लगती है जो कि एक जनरेटर को स्पिन करती है, जो फिर इस सिस्टम से जुड़े एक बैटरी को चार्ज  करता है। इस साइकिल के पैडल एक घंटे तक चलाने से किसी ग्रामीण परिवार की 24 घंटे की बिजली की जरूरतें पूरी की जा सकती हैं, जिनमें लाइट जलाने, छोटा पंखा चलाने और मोबाइल फोन चार्ज  करने जैसी चीज़ें शामिल हैं-और इन सबके लिए कोई बिल नहीं देना होगा, किसी तरह का ईंधन खर्च नहीं होगा और प्रदूषण भी नहीं होगा



श्री मनोज भार्गव ने कहा कि उनके द्वारा यह मशीन तैयार की गई है, जिसका शीघ्र ही प्रोडक्शन शुरू किया जायेगा। भारत में इस मशीन की शुरूआत उत्तराखण्ड राज्य से की जा रही है। इस प्रकार से उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां पर इस मशीन को शुरू किया जा रहा है। मशीन की कीमत को काफी कम रखा गया है, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति इसे खरीद सके। इस बाइसाइकिल पर एक घंटे तक पैडलिंग करने से 24 घंटों के उपयोग के लिए बिजली तैयार हो जाती है, जो एक छोटे घर की बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है।

इस अवसर पर श्री भार्गव ने बताया, “दुनिया में ऐसे करीब 1.3 अरब लोग हैं, जिनको बिजली नहीं मिल पाती। मुफ्त बिजली का हाइब्रिड स्थिर साइकिल इस जनसंख्या को ही बिजली मुहैया कराने के एक उत्पाद के रूप में लाया गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह इनोवेशन सार्थक साबित होगा और इसका भारत के करोड़ों लोगों पर स्थायी असर होगा।” ज्ञातव्य है कि श्री मनोज भार्गव विश्वभर में लोकप्रिय 5 ऑवर एनर्जी ड्रिंक और फ्री इलेक्ट्रिक बाइसाइकिल के निर्माता है। मनोज भार्गव, एक उद्यमी, समाजसेवी और लिविंग एसेंशियल्स के संस्थापक और सीईओ हैं। श्री भार्गव अपनी 4 बिलियन डॉलर की कुल पूंजी में से 99 प्रतिशत दान करने के लिए समर्पित हैं।


इस अवसर पर पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रणजीत रावत, मुख्य प्रधान सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव ऊर्जा डाॅ. उमाकांत पंवार आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्रभारी हरपाल रावत द्वारा किया गया।

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