जल्द साकार होगा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग का सपना Necessary clearances being taken for strategic railway project

जल्द साकार होगा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग का सपना  Necessary clearances being taken for strategic railway project


प्रदेशवासियों के लिए एक सपना सा बन गयी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन धीरे-धीरे एक हकीकत में तब्दील होती दिख रही है। रेल विकास निगम लिमिटेड, जो इस रेल लाइन को बनाएगा, और राज्य सरकार मिलकर सारे जरुरी क्लेअरन्सेस ले रहे हैं। देर से ही सही पर अब लगता है की ये रेलवे लाइन, जो न सिर्फ सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पर्यटन को बड़वा देने की लिए भी जरुरी है, जल्द ही अस्तित्व में आ जाएगी…



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ख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने बुधवार (December 2, 2015) को सचिवालय में नार्दन रेलवे के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की जहाँ उन्हें बताया गया की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग 125.20 किमी रेलवे लाइन के निर्माण में पड़ने वाले 308 हेक्टेयर वन भूमि के क्लियरेंस का पहला चरण पूरा हो गया है व दूसरे चरण के क्लियरेंस का कार्य तेजी से चल रहा है।

रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा 16784.58 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इस रेल लाइन पर 12 रेलवे स्टेशन होंगे — न्यू ऋषिकेश, शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, आक्जीलरी, मलेथा, श्रीनगर, धारी, रूद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग। यह रेलवे लाइन देहरादून, टिहरी, गढवाल, रूद्रप्रयाग और चमोली जनपदो से गुजरेगी। 105 किमी रेल लाइन सुरंग में होकर जायेगी। ज्योलाजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के तीनो चरण पूरे कर लिये गये हैं। इसके निर्माण के लिए 588.624 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी।

इसके अलावा नार्दन रेलवे के अधिकारियों ने देहरादून, लक्सर और हरिद्वार में रेलवे ओवर ब्रिज बनाने पर भी सहमति जताई। मुख्य सचिव ने इसे अर्द्ध कुम्भ से पहले पूरा करने के लिए कहा। बैठक में रेलवे स्टेशन के आस-पास की गंदगी को दूर करने के लिए शौचालय बनाने पर भी चर्चा हुई। रेल विभाग इसके लिए स्थान का चयन कर प्रस्ताव राज्य सरकार को देगा। राज्य सरकार इन शौचालयों का निर्माण करायेगी। केदारनाथ आपदा में रेलवे का 800 वर्ग मीटर का हाॅलीडे होम बह गया था। राज्य सरकार ने इसके लिए जमीन देने पर सहमति व्यक्त की।

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हर्रावाला में 12,000 वर्ग मीटर में बने उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के गोदाम को राज्य सरकार रेलवे को वापस करेगी। हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के विद्युतीकरण के लिए एच.टी.लाइन को अंडरग्राउण्ड किया जायेगा। राज्य सरकार ने रेलवे से हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर 49 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा।

नार्दन रेलवे के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को अर्द्धकुम्भ की तैयारियों के बारे में भी बताया। कहा कि इस दौरान प्रतिदिन 60 रेलगाडि़यां हरिद्वार से चलेंगी। 10-15 रेलगाडि़यों को रिजर्व रखा जायेगा, जिससे की भीड बढ़ने पर इनका इस्तेमाल हो सकें। बैठक में प्रमुख सचिव उमाकांत पंवार, सचिव एन.एस.नपलच्याल, डीएस गब्र्याल, मीनाक्षी सुंदरम सहित नार्दन रेलवे के जीएम ए.के.पुठिया, डीआरएम प्रमोद कुमार, चीफ इंजीनियर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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3 Comments

  1. Deepak Singh December 02, at 18:35

    I'm desperately awaiting Rishikesh Karanprayag railway project. I'm basically belong to Chamoli, Karanprayag Tehsil . मेरा भाई कहता है कि हम 5-7 साल ओर गुलाम रहते तो आज यह रेलवे लाइन हकीकत में दौड़ रही होती. ये कटु सत्य है कि जो विकास का माडल अगेंजौ का था वो एक environment friendly था. कोई भी infrastructure projects लगाओ अगेंजौ ने वहां उस स्थान विशेष के मौसम / वातावरण भौगोलिक स्वरूप के अनुसार उस जगह का विकास किया है. उनके द्वारा गढ़वाल छेतर में बनाए गए डाक बगंले, स्कूल, कॉलेज, रोड़ देखें तो आज के हमारे बनाये भवनों से अच्छे मजबूत ओर टिकाऊ हैं। दीपक सिंह टकोला चमोली गढ़वाल कणृपरयाग 9891466508, 9456560757

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    • Uttarakhand Panorama December 03, at 19:16

      It is true that not much has happened in Uttarakhand in terms of new rail projects. We sincerely hope that the Rishikesh-Karnprayag railway line gets completed soon so that people of Uttarakhand and those visiting the state can use the new rail line. Thanks Deepak for reading the story and do keep visiting the website regularly.

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  2. Deepak Singh December 02, at 18:39

    I'm desperately awaiting Rishikesh Karanprayag railway project. I'm basically belong to Chamoli, Karanprayag Tehsil . मेरा भाई कहता है कि हम 5-7 साल ओर गुलाम रहते तो आज यह रेलवे लाइन हकीकत में दौड़ रही होती. ये कटु सत्य है कि जो विकास का माडल अगेंजौ का था वो एक environment friendly था. कोई भी infrastructure projects लगाओ अगेंजौ ने वहां उस स्थान विशेष के मौसम / वातावरण भौगोलिक स्वरूप के अनुसार उस जगह का विकास किया है. उनके द्वारा गढ़वाल छेतर में बनाए गए डाक बगंले, स्कूल, कॉलेज, रोड़ देखें तो आज के हमारे बनाये भवनों से अच्छे मजबूत ओर टिकाऊ हैं। एक मेरे गांव के रोड़ पोरजकट को 20 साल हो गये हैं दीपक सिंह टकोला चमोली गढ़वाल कणृपरयाग 9891466508, 9456560757

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