9 मंत्रियों सहित 60 विधायकों ने नहीं दिया सम्पत्ति विवरण Uttarakhand legislators does not believe in transparency!

9 मंत्रियों सहित 60 विधायकों ने नहीं दिया सम्पत्ति विवरण Uttarakhand legislators does not believe in transparency!


जब हमारे चुने हुए नेतागण ही कानूनों को नहीं मानते तो हम देश के अच्छे भविष्य की कामना कैसे कर सकते हैं…


त्तराखंड के 70 विधायकों मेें से 60 विधायकों ने अपने सम्पत्ति विवरण, विधानसभा को नहीं दिया है। इसमें मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष भी शामिल है। 6 मंत्रियों तथा 38 विधायकों ने निर्वाचित होने के बाद एक बार भी सम्पत्ति विवरण नहीं दिया है जबकि मुख्यमंत्री सहित 3 मंत्रियों ने सम्पत्ति का वार्षिक विवरण नहीं दिया हैै। यह खुलासा सूचना अधिकार के अन्तर्गत उत्तराखंड विधानसभा के लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट को उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ।

काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट को उत्तराखंड विधानसभा के लोेक सूचना अधिकारी/वरिष्ठ शोध एवं संदर्भ अधिकारी मुकेश सिंघल द्वारा अपने पत्रांक 397 दिनांक 19 दिसम्बर 2015 से उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार उत्तराखंड के 6 मंत्रियों तथा 38 विधायकों ने अस्तियों एवं दायित्वों से सम्बन्धित प्रथम अनुसूची का विवरण 09 दिसम्बर 2015 तक उपलब्ध नहीं कराया हैै। इसके अतिरिक्त 16 विधायकों ने सम्पत्ति अर्जन तथा व्ययन का वार्षिक विवरण नहीं उपलब्ध कराया है। इसमें मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल तथा प्रीतम सिंह पंवार तथा नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट का नाम भी शामिल है।

श्री नदीम को उपलब्ध करायी गयी सम्पत्ति व दायित्वों का विवरण प्रथम बार वाला विवरण न उपलब्ध कराने वाले मंत्रियों व विधायकों की 09 दिसम्बर 2015 की सूची के अनुसार जिन मंत्रियों ने सम्पत्ति व दायित्व विवरण नहीं दिये है उसमें प्रीतम सिंह, दिनेश अग्रवाल, सुरेन्द्र सिंह नेगी, श्रीमति इन्दिरा ह्रदयेश, दिनेश धनैै व यशपाल आर्य सहित 6 मंत्री शामिल है।


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इसके अतिरिक्त जिन 38 विधायकों ने सम्पत्ति दायित्व विवरण नहीं दिये हैै उसमें माल चन्द्र, विजयपाल सिंह सजवाण, राजेन्द्र सिंह भंडारी, सुबोध उनियाल, विक्रम सिंह, महावीर सिंह, प्रेमचन्द्र अग्रवाल, मदन कौशिक, आदेश चैैहान, चन्द्र शेखर, हरिदास, फुरकान अहमद, प्रदीप बत्रा, कुवंर प्रणव सिंह चैम्पियन, सरवत करीम अंसारी, यतीश्वरानन्द, गणेश गोदियाल, तीरथ सिंह रावत, दलीप सिंह रावत, मयूख सिंह, नारायण राम आर्य, ललित फस्र्वाण, चन्दन राम दास, मदन सिंह बिष्ट, मनोज तिवारी, हेमेश खर्कवाल, श्रीमति सरिता आर्या, शैलेन्द्र मोहन सिंघल, अरविन्द पाण्डे, राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, प्रेम सिंह, पुष्कर सिंह धामी, राजकुमार, हरबन्स कपूर, श्रीमति रेखा आर्या, हीरा सिंह बिष्ट व श्रीमति ममता राकेश शामिल है।

इन मंत्री तथा विधायकों को उत्तराखंड मेें लागू उ0प्र0 मंत्री तथा विधायक 1⁄4आस्तियों तथा दायित्वों का प्रकाशन1⁄2 अधिनियम 1975 की धारा 3 के अनुसार मंत्री/विधायक निर्वाचित होने या नामित होने के तीन माह के अंदर अपनी तथा अपने परिवार की सम्पत्तियों तथा दायित्वों का विवरण विधान सभा सचिव को देना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त 30 जून तक प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को समाप्त होने वाले सम्बन्धित वित्तीय वर्ष का वार्षिक सम्पत्ति विवरण देना होता है।

श्री नदीम को उपलब्ध करायी गयी सम्पत्ति व दायित्वों प्रथम बार का विवरण 09 दिसम्बर 2015 तक न उपलब्ध कराने वाले मंत्रियों मेें प्रीतम सिंह, दिनेश अग्रवाल, सुरेन्द्र सिंह नेगी, श्रीमति इन्दिरा ह्रदयेश, दिनेश धनैै व यशपाल आर्य सहित 6 मंत्री शामिल है। प्रतिवर्ष 30 जून तक दिये जाने वाले पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में अर्जित या व्ययित समस्त सम्पत्ति एवं दायित्वों का विवरण न देने वालों में हरीश रावत, हरीश चन्द्र दुर्गापाल, सहदेव सिंह पुन्डीर, हरभजन सिंह चीमा, प्रीतम सिंह पंवार, भीम लाल आर्य, पूरन सिंह फत्र्याल, दान सिंह भण्डारी, सुरेन्द्र सिंह जीना, विजय बहुगुणा, गणेश जोशी, उमेश शर्मा काऊ, संजय गुप्ता, अजय भट्ट, बिशन सिंह चुफाल व बंशीधर भगत शामिल है।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ


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