उत्तराखंड को मोदी सरकार से चाहिए आर्थिक मदद Will Modi govt come to Uttarakhand’s financial aid?

उत्तराखंड को मोदी सरकार से चाहिए आर्थिक मदद  Will Modi govt come to Uttarakhand’s financial aid?


उत्तराखंड की स्थापना के समय इस पहाड़ी राज्य को उस समय की अटल बिहारी वाजपेयी की केंद्रीय सरकार ने एक ‘विशेष राज्य’ का दर्ज़ा दे कर कई रियायतें दीं और साथ में विशेष आर्थिक सहायता भी दी। परन्तु बाद में मनमोहन सिंह ने अपने यू.पी.ऐ राज्य के समय में काफी रियायतें वापस ले लीं, जिसमें प्रमुख था उत्तराखंड को दिया गया ‘विशेष राज्य’ का दर्ज़ा। इससे उत्तराखंड को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। ना सिर्फ उद्योगों ने प्रदेश से मुंह मोड़ लिया, बल्कि जो उद्योपति उत्तराखंड में स्थापित अपनी फैट्रियों का विस्तार करने वाले थे, उन्होंने भी अपने निवेश के इरादों को ठन्डे बस्ते में ड़ाल दिया। ‘विशेष राज्य’ का दर्ज़ा वापस होने से उत्तराखंड को जो आर्थिक सहायतें केंद्र से मिलती थीं उसमे भी भारी कमी आई। अब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तराखंड को ‘विशेष राज्य’ का दर्ज़ा वापस देने की अपील की है। इसी सन्दर्भ में श्री रावत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले कर उत्तराखंड द्वारा झेली जा रहीं आर्थिक कठिनाइयों से अवगत कराया और केंद्र से उत्तराखंड को आर्थिक सहायता बढ़ाने के लिए अपील की…


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क्रवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली से भेंट कर बाह्य सहायतित परियोजनाओं में विभिन्न प्राविधान 90:10 के अनुपात में करने का आग्रह किया (जहाँ प्रोजेक्ट का 90% फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जाये)। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखंड का 65 फीसदी भाग वनाच्छादित है। वन संबंधी बाध्यताओं व अन्य कारणों से हाईड्रोपावर व पर्यटन के सम्भावित राजस्व से राज्य को वंचित होना पड़ रहा है। राज्य में लगभग 30 हजार मेगावाट जलविद्युत की सम्भावना मौजूद है। परंतु पर्यावरण व अन्य कारणों से नई जलविद्युत परियोजनाओं पर रोक से राज्य को लगभग 1,700 करोड़ रूपए के राजस्व की प्रति वर्ष हानि हो रही है। सामरिक दृष्टि से संवदेनशील अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के कारण भी पर्यटन की सम्भावनाओं का पूरा उपयोग नही हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान बीके चतुर्वेदी कमेटी की उस संस्तुति की ओर आकृष्ट किया जिसमें कहा गया था कि सकल बजटीय सहायता का 2 प्रतिशत 11 हिमालयी राज्यों के लिए प्राविधानित किया जाए।


श्री रावत ने कहा कि राज्य की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इसे विशेष श्रेणी का दर्जा दिया गया था। बाह्य सहायतित परियोजनाओं में 90:10 के अनुपात में फंडिंग की जा रही थी। साथ ही अनेक केंद्र प्रवर्तीत स्किमें भी राज्य को उपलब्ध थीं। केंद्र की नई व्यवस्था में ब्लाॅक ग्रान्ट रोकने से वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 2,800 करोड़ रूपए की राज्य को हानि हुई है। केंद्रीय करों मेें राज्यों का हिस्सा 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रत्शित किया गया है। इसको शामिल करने के बावजूद राज्य को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1,500 करोड़ का विशुद्ध नुकसान हो रहा है। इकोनोमिक सर्वे में कहा गया है कि उत्तराखंड एकमात्र राज्य है जिसे नई व्यवस्था में राज्य को केंद्रीय सहायता (सीएएस) में नुकसान हुआ है। जहां अन्य राज्यों को सीएएस में प्रति व्यक्ति 1,000 रूपए का लाभ हो रहा है वहीं उत्तराखंड को 48 रूपए प्रति व्यक्ति नुकसान हुआ है। यहां तक कि अरूणाचल प्रदेश को 33,000 रूपए प्रति व्यक्ति व मिजोरम को 17,900 रूपए प्रति व्यक्ति लाभ हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जिन कठिन परिस्थितियों के कारण विशेष श्रेणी का दर्जा दिया गया था, वे परिस्थितियां अभी भी बनी हुई हैं। उन्होंने इस बात का आभार व्यक्त किया कि केंद्र द्वारा उत्तराखंड के लिए कोर केंद्र प्रवर्तीत योजनाओं में 90:10 व वैकल्पिक केंद्र प्रवर्तीत योजनाओं में 80:20 का अनुपात फिर से किए जाने का निर्णय लिया गया है। श्री रावत ने कहा कि राज्य के विकास में बाह्य सहायतित योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कार्यशैली को अपनाने में सहायता मिलने व अनुभव व कार्यकुशलता से राज्य के विकास में सहायता मिलती है। विगत में बाह्य सहायतित योजनाओं में उत्तराखंड के कार्य निष्पादन की केंद्र द्वारा प्रशंसा की गई है। वित्त मंत्रालय द्वारा बी.आर.आई.सी.एस.-एन.डी.बी., एआईआईबी व जीआईसीए के तहत परियोजनाओं के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।


उत्तराखंड सरकार द्वारा भी लगभग 2,000 करोड़ रूपए के अनेक प्रस्ताव भेजे गए हैं। इनमें पेयजल, शिक्षा, आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र सम्मिलित हैं। राज्य सरकार के पास इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि बाह्य सहायतित परियोजनाओं में फंडिंग पैटर्न 90:10 के आधार पर किया जाए। 

CM Photo 03 dt. 01 July 2016


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