क्या साकार होगा उत्तराखंड मेट्रो का सपना? Uttarakhand Metro a pipe dream?

क्या साकार होगा उत्तराखंड मेट्रो का सपना? Uttarakhand Metro a pipe dream?

उत्तराखंड में चरमराती यातायात व्यवस्था के बावजूद प्रदेश सरकार ने कोई भी ठोस पहल अभी तक नहीं की है। ट्रैफिक के लगातार बढ़ते दबाव से उत्तराखंड की जनता त्रस्त है। दिल्ली में मेट्रो की सफलता के बाद जहाँ एक तरफ हर प्रदेश मेट्रो बनने में व्यस्त है, उत्तराखंड इस रेस में भी पिछड़ता नज़र आ रहा है। हालाँकि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच मेट्रो शुरू करने की बात तो की है और इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन की तरह एक संस्था बनाने की बात तो की है, पर यह परियोजना कब तक अपने स्वरुप में आएगी यह बताना अभी बहुत मुश्किल है….


हा

लाँकि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने निर्देश दिये है कि हरिद्वार-ऋषिकेश-देहरादून के मध्य संचालित होने वाली मेट्रो सेवा के लिए सर्वे कार्य शीघ्र आरम्भ किया जाए। इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता पर पूरा किया जाय। सर्वे कार्य शीघ्र पूरा हो, इसके लिए अन्य संबंधित विभागों से समन्वय किया जाय। उन्होंने कहा कि एन.एच. के साथ वार्ता कर मैट्रो लाइन के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शीघ्र तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि मैट्रो लाइन के सर्वे के समय सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाय।


मुख्यमंत्री श्री रावत ने बीजापुर अतिथि गृह में एम.डी.डी.ए. व उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिये कि देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार शहरों में यातायात दबाव काफी बढ़ गया है, जिसको देखते हुए वैकल्पिक यातायात साधनों पर विचार किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेट्रो सेवा का सर्वे संबंधी कार्य शीघ्र आरम्भ किया जाय।


मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि कुमांऊ और गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर शहरों का विकास किया जाय। इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा, पौडी, नैनीताल, टिहरी जैसे शहरों का तेजी से विकास हो रहा है। इसको देखते हुए इन शहरों के आस-पास उप नगर विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैण और गरूड़बाज में अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाय। इन शहरो को स्मार्ट सिटी के तर्ज पर विकसित किया जाय। उन्होंने कहा कि नये उप नगरीय शहरों का विकास ठोस कार्ययोजना के तहत किया जाय। इन शहरों में शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सभी मूलभूत आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाय।


Write to us at Uttarakhandpanorama@gmail.com

Follow us: UttarakhandPanorama@Facebook and UKPANORAMA@Twitter

0 Comments

No Comments Yet!

You can be first to comment this post!

Leave a Reply

fifteen − two =