कांवड़ यात्रा में परमार्थ निकेतन ने दिए पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण सन्देश Parmarth Niketan’s unique ‘Swachh Bharat’ initiatives in holy ‘Kanvar Yatra’

कांवड़ यात्रा में परमार्थ निकेतन ने दिए पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण सन्देश Parmarth Niketan’s unique ‘Swachh Bharat’ initiatives in holy ‘Kanvar Yatra’

परमार्थ निकेतन ने कांवड़ मेला क्षेत्र में की कूड़ादानों की व्यवस्था की है। इसी प्रकार परमार्थ निकेतन ने नीलकण्ठ पैदल मार्ग के पास जल मन्दिर (प्याऊ) भी स्थापित किया है। परमार्थ निकेतन ने दस और जल मन्दिरों की कांवड़ क्षेत्र में स्थापना करायी है। इन प्रयासों से परमार्थ निकेतन कांवड़ यात्रियों के बीच पर्यावरण संरक्षण की प्ररेणा भी दे रहा है…


रमार्थ निकेतन आश्रम ने कांवड़ मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए कूड़ादानों का समुचित इन्तजाम किया है। गंगा एक्शन परिवार-परमार्थ निकेतन ने नीलकण्ठ यात्रा मार्ग-ऋषिकेश पर 20 बड़े कूड़ादानों की व्यवस्था की है। उपजिलाधिकारी हरिद्वार श्री गोपाल राम बिनवाल द्वारा यह कूड़ादान कांवड़ मेला क्षेत्र में रखवाए गए। इस अवसर पर तहसीलदार यमकेश्वर श्रेष्ठ गुनसोला, परमार्थ निकेतन वार्ड के सभासद गजेन्द्र नागर, परमार्थ निकेतन के प्रबन्धक राम अनन्त तिवारी, कार्यक्रम निदेशक राम महेश मिश्र भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ मेला उत्तराखण्ड, विशेष रूप से स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश, हरिद्वार आदि के लिए बड़े महत्व का लोक कार्यक्रम है। इस मेले में देश के कोने-कोने से शिवभक्त श्रद्धालुओं का आगमन तीर्थनगरी में होता है। इन भक्तजनों की सेवा, उनकी यात्रा में सहयोग, उन्हें जरूरी सुविधायें प्रदान करना तथा यात्रा में आए देशवासियों को राष्ट्रहित एवं पर्यावरण हित की प्रेरणायें देना एक बड़ा काम है। इस काम में सहयोग करने के लिए उन्होंने परमार्थ निकेतन परिवार की सराहना की। एसडीएम ने अन्य संस्थाओं से भी आगे बढ़कर इस तरह के कामों में सहयोग देने का आग्रह किया।

ज्ञातब्य है कि मजबूत लोहे से बनाये गए कूड़ादानों में जैविक कूड़े और अजैविक कूड़े को अलग-अलग रखने का इन्तजाम किया गया है। हरे रंग से रंगे गए कूड़ादानों को स्वच्छता क्रान्ति के सन्देश एवं अपीलों को लिखकर बेहद आकर्षक बनाया गया है और स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में कांवड़यात्रियों से भी सहयोग मांगा गया है। परमार्थ प्रवक्ता राम महेश मिश्र ने बताया कि ऐसे कूड़ादान स्वर्गाश्रम अंचल के अलावा मुनि की रेती एवं ऋषिकेश नगरपालिका क्षेत्र में भी उपलब्ध कराये जायेंगे। उन्होंने बताया कि आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज द्वारा इस कार्य में निरन्तर प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

कांवड़ यात्रियों के बीच पपेट शो के जरिये गंगा सहित विभिन्न नदियों की स्वच्छता, शौचालय निर्माण एवं उनका उपयोग, खुला शौचमुक्त भारत का नवनिर्माण, स्वच्छ भारत निर्माण आदि विषयों पर शिक्षण दिया गया। गंगा एक्शन परिवार द्वारा मंझोले ट्रक पर तैयार कराए गए स्वच्छता क्रान्ति वाहन पर पपेट शो की पूरी टीम कांवड़ मेला क्षेत्र में उतरी और श्रद्धालुओं को यह पाठ पढ़ाये। रंग बिरंगे वस्त्रों में, चेहरों पर भाँति-भाँति के मुखौटे लगाए लोकसेवी कार्यकर्ताओं ने पपेट शो के माध्यम से हजारों को लोगों को लोकशिक्षण दिया। पपेट शो देखने के लिए भारी संख्या में कांवड़यात्री एकत्रित हो गए थे। कांवड़ियों ने हाथ उठाकर खुला शौचमुक्त भारत एवं स्वच्छ भारत के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने स्वच्छता क्रान्ति की झण्डियाँ उत्साहपूर्वक हवा में लहराईं। कांवड़यात्रियों ने पपेट शो के कलाकारों के फोटो खींचे, अपने क्षेत्र में दिखाने के लिए वीडियो बनाईं और सेल्फी लीं। परमार्थ निकेतन के कार्यकर्ता हरिओम शर्मा ने बताया कि यह शो मेला क्षेत्र में तीन स्थानों पर प्रदर्शित कराए गए। सान्ध्यकालीन बेला में गंगा आरती में उपस्थित गंगाप्रेमियों के बीच भी कलाकारों ने यह कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसको बड़ी सराहना मिली।

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इसी तरह  गंगा एक्शन परिवार-परमार्थ निकेतन की पहल पर कांवड़यात्रियों की सुविधा के लिए नीलकण्ठ पैदल मार्ग के समीप ‘जल मन्दिर’ (प्याऊ) का उद्घाटन नगर पंचायत स्वर्गाश्रम-जौंक की चेयरमैन श्रीमती शकुन्तला राजपूत ने परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों के वेदमंत्रोच्चारण के बीच किया। पांच सौ लीटर पानी की क्षमता वाले जल मन्दिर में तीन ओर टोंटियाँ देकर कांवड़ियों की सेवा व सुविधा की व्यवस्था परमार्थ परिवार द्वारा की गयी है। इस तरह के दस जल मन्दिर कांवड़ रूट पर स्थापित किए जा रहे हैं।

परमार्थ निकेतन के प्रवक्ता राम महेश मिश्र ने बताया कि जल मन्दिरों (प्याऊ) की स्थापना पैदल मार्ग के श्रीगणेश स्थल के अलावा गंगा बैराज, आईडीपीएल पार्किंग, चैरासी कुटिया-पुराना मार्ग, चैरासी कुटिया-नया मार्ग, बाघखाला, भूतनाथ मन्दिर, नीलकण्ठ तिराहा एवं गरुड़चट्टी पर की जा रही है। पैदल मार्ग के समीप दो जल मन्दिर खड़े किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल मन्दिरों को शिक्षाप्रद बनाते हुए स्वच्छ जीवन, निर्मल चरित्र, स्वच्छ वातावरण, वृक्षारोपण, शौचालय निर्माण व उपयोग आदि की प्रेरणाएँ भी उस पर लिखी गयी हैं। कांवड़यात्री उनके फोटोग्राफ लेकर उन प्रेरणाओं को अपने साथ लिए जा रहे हैं। यह जल मन्दिर प्रत्येक धार्मिक मेले के समय नीलकण्ठ क्षेत्र में सेवार्थ लगाये जायेंगे। परमार्थ निकेतन के प्रबन्धक राम अनन्त तिवारी ने बताया सभी जल मन्दिरों में शुद्ध पेयजल भरने का कार्य एक टैंकर द्वारा नियमित रूप से किया जाता रहेगा, ताकि उसमें पानी सदैव उपलब्ध रहे। उन्होंने बताया कि कांवड़यात्रियों की सेवा के लिए अन्य जरूरी इन्तजाम भी परमार्थ निकेतन द्वारा शीघ्र कराये जायेंगे।

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